
इस दुनिया में जीना क्या है?
जीना एक उलझन है,
पल पल है तड़प, होंठों पे आह,
आँखों में बस चुभन है!
खामोशी भी साथ ना देगी
इस उजड़ी बस्ती में,
हर कोने में धुआं धुआं
हर कोने में घुटन है,
इस दुनिया में जीना क्या है?
जीना एक उलझन है,
वक़्त है कैसा खोया खोया
रोज़ सवेरा, रोज़ अँधेरा,
रोज़ पुरानी वही ज़िन्दगी
रोज़ वही एक दिन है,
इस दुनिया में जीना क्या है?
जीना एक उलझन है!!
इन हाथों में इतनी लकीरें
कोई सही नहीं है,
खाली खाली किस्मत है
बस खाली कोरापन है,
इस दुनिया में जीना क्या है?
जीना एक उलझन है!!
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