
एक चेहरे को पहचाना है, जो थोड़ा जाना माना है,
तस्वीरों में ही मिलती है, वो चाँद के जैसे खिलती है,
बातों में उसकी उलझन है, न कह दे उसका ही मन है,
हर वक़्त उसी का बहाना है,
एक चेहरे को पहचाना है, जो थोड़ा जाना माना है!!
गुस्से में तीखी तीखी है, पर शहद से ज्यादा मीठी है,
अपने कन्धों पर भार लिए, उठती है सुबह तैयार किए,
कामयाबी को सर पे उठाना है,
एक चेहरे को पहचाना है, जो थोड़ा जाना माना है!!
उम्मीद किरण का थामे हाथ, चलती है हवा के साथ साथ,
ख्वाहिश को रोज़ बदलती है, और शाम के जैसे ढलती है,
ठोकर में उसके ज़माना है,
एक चेहरे को पहचाना है, जो थोड़ा जाना माना है!!
एक चेहरे को पहचाना है, जो थोड़ा जाना माना है,
तस्वीरों में ही मिलती है, वो चाँद के जैसे खिलती है,
बातों में उसकी उलझन है, न कह दे उसका ही मन है,
हर वक़्त उसी का बहाना है!!
2 comments:
sundar prastuti
That's one original I wish I'd kept with me. .
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