Monday, June 9, 2008

राह.............


एक राह तुम्हारी है,
एक राह हमारी है,
मंजिल से दूर है लेकिन,
कोशिश फिर भी जारी है!

· एक रोज़ मुकम्मल जहाँ,
हम ढूँढ ही लेंगे…।
इस उम्मीद पे हमने कई
रातें गुजारी हैं!
एक राह तुम्हारी है,
एक राह हमारी है,

· तूफानी समंदर से हम रोज़
ही गुजरें हैं,
लहरों ने हमें रोका पर हिम्मत,
नही हारी है!
एक राह तुम्हारी है,
एक राह हमारी है,

· इस चाँद के सिरहाने कई गम
हैं छुपा रखे.,
इस गम में जान अपनी
सारी की सारी है!
एक राह तुम्हारी है,
एक राह हमारी है,
मंजिल से दूर है लेकिन,
कोशिश फिर भी जारी है!

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