इस दुनिया के लोग कभी अच्छे होते हैं,
कभी कभी, कुछ लोग बहुत झूठे होते हैं,
हर बार न जाने क्यूँ, एक सा दिन लगता है,
हर बार सुबह के साये कुछ टूटे होते हैं,
इस दुनिया के लोग कभी अच्छे होते है
कभी कभी, कुछ लोग बहुत झूठे होते हैं॥
*क्यों तन्हाई के रंग में शामे ढल जाती हैं,
क्यों गुज़रे, पल की याद हमे पल पल आती है
हर बार न जाने क्यूँ, लगता है कुछ खो सा गया है॥
हर बार न जाने रिश्ते क्यों रूठे होते हैं,
इस दुनिया के लोग कभी अच्छे होते है
कभी कभी, कुछ लोग बहुत झूठे होते हैं॥
4 comments:
वाकई इस दुनिया के लोग बहुत झूठे है...
पर क्या झूठ गलत होता है...ये तो हमने एक धारणा बना रखी है.....झूठ झूठ होता है गलत नहीं।
खैर एक अच्छी रचना के लिए बधाई..
अच्छा लिखा है... स्वागत है आपका...
क्या हकीक़त क्या झूट
सब जीने का असबाब है
ये दुनिया सिर्फ एक ख्वाब है
- सुलभ
अच्छी कविताहै
tulsi is sansar me bhanti bhanti ke log, sab se hil mil chaliye nadi nav sanyog.narayan narayan
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